मैं क्यूँ लिखता हूँ?
मैं लिखता हूँ,जब मैं तेरे साथ होता हूँ,जब मैं दूरियां भी सहता हूँ,जब मैं तेरी नीली आँखें देखता हूँ,जब मैं इनमें गुम रहता हूँ,जब मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ,जब मैं सिर्फ तुझे प्यार करता हूँ...मैं लिखता हूँ,जब मैं कुछ कहता हूँ,जब मैं चुप रहता हूँ,जब मैं कुछ सोचता हूँ,जब मैं बस खाली दीवारें देखता हूँ,जब मैं खुश रहता हूँ,जब चुपचाप गम सहता हूँ...मैं लिखता हूँ,जब मैं सबके साथ होता हूँ,जब मैं बस तन्हा
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