बातों की एक बात
बातों की एक बात हो,
और ख़ामोशी का भी साथ हो,
ऊपर साया आसमान का,
और नीचे यादों का साथ हो,
आँखों में साया नीद का,
और सर के नीचे बस हाथ हो,
ख़्वाबों के सिलसिले हों,
और खत्म ना ये रात हो,
आज संग सारे जज़्बात हों,
और बातों में एक बात हो :)
AnSh :)
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